Please wait
select city
notifications
Live Tv
Search
पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित Sudhir wins historic कामदुनी दुष्कर्म-हत्या मामले में पीड़ित परिवार का सुप्रीम कोर्ट में विरोध नहीं करेगी राज्य सरकार, कानूनी सहायता भी देगी - मुख्यमंत्री Sudhir wins historic आवाज़ का नमूना दें, नहीं तो गिरफ्तारी पर रोक हट जाएगी: कलकत्ता हाई कोर्ट की अभिषेक बनर्जी को कड़ी चेतावनी Sudhir wins historic मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया Sudhir wins historic शोपियां मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जाकिर गनी मारा गया Sudhir wins historic बारुईपुर मुठभेड़ मामले में पुलिस का दावा - एसआई रॉनी सरकार की रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था आरोपित, आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली Sudhir wins historic बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपित से मां ने किया किनारा, बोलीं- जो किया, उसका फल मिला Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्याकांड का मुख्य आरोपित पुलिस मुठभेड़ में ढेर Sudhir wins historic बरूईपुर दुष्कर्म और हत्या मामला : पीड़िता के परिजनों से मिलीं भाजपा नेता लाकेट चटर्जी और मंत्री अग्निमित्रा पाल Sudhir wins historic पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, किशोरी को जीवित ही तालाब में फेंका Sudhir wins historic

नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को एसआईआर नोटिस पर सियासी घमासान तेज

अमर्त्य सेन के परिजनों और करीबी लोगों का कहना है कि यह नोटिस उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आरोप है कि विश्व प्रसिद्ध विद्वान के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इसे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के दावों की पुष्टि बताया और कहा कि चुनाव आयोग अब इस मुद्दे को छिपा नहीं सकता।

07 Jan 2026

नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को एसआईआर नोटिस पर सियासी घमासान तेज

कोलकाता। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस दिए जाने के बाद बंगाल की राजनीति में तीखी हलचल मच गई है। यह नोटिस बुधवार सुबह शांतिनिकेतन स्थित उनके आवास ‘प्रतीची’ पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा दिया गया। अमर्त्य सेन इस समय देश से बाहर हैं, इसलिए नोटिस उनके परिजन शांतभानु सेन ने वकील से सलाह लेने के बाद स्वीकार किया।

अमर्त्य सेन के परिजनों और करीबी लोगों का कहना है कि यह नोटिस उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आरोप है कि विश्व प्रसिद्ध विद्वान के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इसे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के दावों की पुष्टि बताया और कहा कि चुनाव आयोग अब इस मुद्दे को छिपा नहीं सकता।

बताया गया है कि क्षेत्र के बीएलओ सोमब्रत मुखोपाध्याय दो अन्य कर्मचारियों के साथ अमर्त्य सेन के आवास पर पहुंचे थे। नोटिस में कहा गया है कि एसआईआर फॉर्म में कुछ तथ्यात्मक विसंगतियां पाई गई हैं। दस्तावेजों के अनुसार अमर्त्य सेन और उनके माता या पिता की उम्र में अंतर 15 वर्ष दर्शाया गया है, जिसे सामान्य रूप से अपेक्षित नहीं बताया गया है। इसी बिंदु पर स्पष्टीकरण और सहायक दस्तावेज मांगे गए हैं।

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि 16 जनवरी को दोपहर 12 बजे अमर्त्य सेन के आवास पर ही सुनवाई निर्धारित की गई है और उस समय सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध रखने को कहा गया है। अमर्त्य सेन बोलपुर वार्ड नंबर दो के मतदाता हैं और पेशेवर कारणों से वर्ष के अधिकांश समय विदेश में रहते हैं।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शांतभानु सेन ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि अमर्त्य सेन कौन हैं। इतनी उम्र में बिना वजह उन्हें परेशान करने की कोशिश बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि नोटिस वकील से परामर्श के बाद ही स्वीकार किया गया है।

यह विवाद उस समय और गहराया जब अभिषेक बनर्जी ने एक दिन पहले बीरभूम जिले के रामपुरहाट में एक सभा के दौरान दावा किया था कि चुनाव आयोग ने नोबेल पुरस्कार विजेता को एसआईआर नोटिस भेजा है। इसके बाद आयोग ने सफाई दी थी कि फॉर्म में तार्किक विसंगतियां हैं और अमर्त्य सेन को सुनवाई के लिए नहीं बुलाया गया है। हालांकि, बीएलओ द्वारा नोटिस सीधे उनके आवास पर दिए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर हमला तेज कर दिया।

तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर कहा कि एक नोबेल पुरस्कार विजेता को संदेह के घेरे में लाना क्या उचित है। पार्टी ने आरोप लगाया कि अगर व्यक्ति बंगाली है तो उसे अपराधी की तरह नोटिस थमा दिया जाता है। पार्टी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया मजाक बनकर रह गई है और समाज के प्रतिष्ठित लोगों को भी विवाद में घसीटा जा रहा है।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को एसआईआर नोटिस पर सियासी
अमर्त्य सेन के परिजनों और करीबी लोगों का कहना है कि यह नोटिस उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आरोप है कि विश्व प्रसिद्ध विद्वान के साथ इस तरह





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News